
चंडीगढ़
पंजाब के गैंगस्टर जीशान अख्तर गिरोह पर शिकंजा कसते हुए राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने उसके करीबी सहयोगी चंद्र प्रकाश शर्मा उर्फ चंदू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पंजाब पुलिस अब आरोपित को संबंधित जिलों में ले जाकर अलग-अलग मामलों में पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी और शूटआउट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। चंदू पर जालंधर के नकोदर में कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग कराने, रंगदारी मांगने और पंजाब पुलिस टीम पर गोली चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
पंजाब पुलिस ने तीन फरवरी को उसे पकड़ने के लिए नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई की थी, लेकिन वह पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग निकला। इस दौरान उसके साथी अंकित कुमार और हरजिंदर गुप्ता जवाबी कार्रवाई में घायल हुए थे।
जीशान के निर्देश पर चल रहा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि चंदू विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के निर्देश पर पंजाब में रंगदारी नेटवर्क चला रहा था। कारोबारी वर्ग को धमकाकर पैसे वसूलने और विरोध करने वालों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा उसी के पास था। जांच एजेंसियों के अनुसार, 18 जनवरी को नकोदर स्थित बक्शी ट्रैवल्स कार्यालय पर हुई फायरिंग में भी चंदू का नाम सामने आया।
कारोबारी से कथित तौर पर रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं देने पर दफ्तर पर गोलियां चलाकर डराने की कोशिश की गई। इस मामले में पंजाब पुलिस पहले ही दीपक, अंकित कुमार और हरजिंदर गुप्ता समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंदू लगातार ठिकाने बदलकर बचता फिर रहा था।
राजस्थान में छिप गया था शूटर
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब से भागने के बाद चंदू राजस्थान के जयपुर, दौसा, लालसोट और परासर धाम इलाके में छिपकर रह रहा था। एजीटीएफ पिछले एक महीने से तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि चंदू विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के निर्देश पर पंजाब में रंगदारी नेटवर्क चला रहा था।
कारोबारी वर्ग को धमकाकर पैसे वसूलने और विरोध करने वालों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा उसी के पास था। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब से भागने के बाद चंदू राजस्थान के जयपुर, दौसा, लालसोट और परासर धाम इलाके में छिपकर रह रहा था।
एक महीने से पीछे थी एजीटीएफट
एजीटीएफ पिछले एक महीने से तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी। मंगलवार रात बांदीकुई में जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चंदू का पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं था और वह हाल ही में जीशान अख्तर गैंग से जुड़ा था।
पुलिस अब उससे गैंग के नेटवर्क, हथियार सप्लाई और पंजाब में सक्रिय अन्य शूटरों को लेकर पूछताछ करेगी। पंजाब पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी और शूटआउट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।



