
लुधियाना.
कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और खतरनाक आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से पंजाब में एक बड़ी आतंकी वारदात टाल दी गई।
पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई 17 मई को बेनकाब किए गए आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल की जांच के दौरान सामने आई अहम जानकारियों के आधार पर की गई। इससे पहले थाना लाडोवाल इलाके में हार्डीज वर्ल्ड के पास टारगेटेड शूटिंग की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने अनूराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से तीन पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए थे।
विदेश से मिल रहे थे आदेश
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ था कि यह पूरा मॉड्यूल विदेश में बैठे हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि जर्मनी और दुबई में बैठे संचालकों के निर्देश पर पंजाब में हाई प्रोफाइल हत्याओं और बड़ी वारदातों की साजिश रची जा रही थी। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने तरनतारन के गांव खैरदीन निवासी करणदीप सिंह उर्फ करण और अमृतसर निवासी बलजीत सिंह उर्फ संजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित मलेशिया में बैठे हैंडलर आकाशदीप उर्फ गोल्डन के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर काम कर रहे थे।
आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करणदीप सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों को हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार कहां से उपलब्ध करवाए गए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 91 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ बीएनएस की धारा 317(2) भी जोड़ दी है।
नेटवर्क तलाश रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। स्थानीय संपर्कों, हथियार सप्लाई चेन और विदेशी हैंडलरों के साथ जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो पंजाब में बड़ी वारदात हो सकती थी।


