
मोहाली
पंजाब में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीती रात से कई इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने आज, 27 जुलाई से अगले चार दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश की संभावना जताई है। खासतौर पर 28 और 29 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। सबसे अधिक 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, चंडीगढ़ में रात तक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे पंजाब में बारिश की संभावना है।
पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
आज पूरे पंजाब में बारिश के आसार
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्यभर में आज बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान चंडीगढ़ में करीब 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं, अधिकतम तापमान में लगभग 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), मोहाली, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, बठिंडा और आसपास के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कई इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
भाखड़ा डैम की स्थिति फिलहाल सुरक्षित
लगातार हो रही बारिश के बावजूद भाखड़ा डैम में फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है। डैम का जलस्तर बढ़कर 1,594 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 1,680 फीट से अभी भी 86 फीट नीचे है।
वर्तमान में डैम में लगभग 42,712 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 25,893 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
पंजाब में फिर एक्टिव होगा मानसून
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में बादल छाए रहेंगे और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दोनों क्षेत्रों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बिजली की डिमांड 13,967 मेगावाट पहुंची
पंजाब में रविवार को बिजली आपूर्ति सामान्य रही। राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 13,967 मेगावाट दर्ज की गई। इस मांग को पूरा करने के लिए पंजाब के बिजलीघरों ने 4,417 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि शेष बिजली अन्य स्रोतों से प्राप्त की गई। हालांकि, निर्धारित आवंटन की तुलना में 595 मेगावाट कम बिजली मिली, लेकिन इसका बिजली व्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ा और पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही।
डैम खतरे के निशान से नीचे
भाखड़ा डैम: भाखड़ा डैम का जलस्तर बढ़कर 1,594 फीट पहुंच गया है। हालांकि, यह अभी भी खतरे के निशान 1,680 फीट से 86 फीट नीचे है। फिलहाल डैम में 42,712 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 25,893 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यानी डैम का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल किसी तरह के खतरे की स्थिति नहीं है।
पोंग डैम: पोंग डैम का जलस्तर 1,330.55 फीट दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 1,390 फीट से करीब 59.45 फीट नीचे है। डैम में 37,370 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 9,983 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश के बावजूद पोंग डैम पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में है। हालांकि, जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए उस पर लगातार नजर रखी जा रही है।



