
नई दिल्ली
दिल्ली कैंट बोर्ड स्थित करियप्पा मार्ग पर बने दो ट्रैफिक जंक्शनों को सिग्नल फ्री करने के लिए दिल्ली कैंट बोर्ड के अफसरों ने दिल्ली सरकार से सिफारिश की है। अफसरों का कहना है कि किर्बी प्लेस से धौला कुआं तक करियप्पा मार्ग के 4 किमी लंबे स्ट्रेच पर कंटोनमेंट हॉस्पिटल-करियप्पा मार्ग और थिमैया मार्ग-करियप्पा मार्ग, ये दो ट्रैफिक जंक्शन हैं। दोनों जंक्शनों के बीच महज 750 से 800 मीटर की दूरी है। दोनों जंक्शनों को सिग्नल फ्री करने के लिए पहले कैंट बोर्ड ने खुद ही फ्लाईओवर निर्माण की पहल की थी। लेकिन फंड और इंजीनियरों की कमी के चलते अब यहां फ्लाईओवर निर्माण के लिए सरकार से सिफारिश की गई है।
- कैंट बोर्ड के अफसरों के अनुसार, शहीद भगत सिंह मार्ग पर बना फ्लाईओवर और पंखा रोड फ्लाईओवर, दोनों का ट्रैफिक किर्बी प्लेस के पास करियप्पा मार्ग पर उतरता है।
- पंखा रोड फ्लाईओवर पर डाबड़ी, सीतापुर, जनकपुरी, सागरपुर और शहीद भगत सिंह मार्ग पर बने फ्लाईओवर से तिलक नगर, मायापुरी, जनकपुरी और आसपास की सभी कच्ची कॉलोनियों का ट्रैफिक आता है।
- यह पूरा ट्रैफिक किर्बी प्लेस के पास करियप्पा मार्ग पर मर्ज हो जाता है।
- जहां दोनों फ्लाईओवर का ट्रैफिक मर्ज होता है, वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर कंटोनमेंट हॉस्पिटल-करियप्पा मार्ग ट्रैफिक सिग्नल है, जिससे जाम और बढ़ जाता है।
- इससे करीब 800 मीटर दूरी पर दूसरा बड़ा सिग्नल है। यह भी जाम को बढ़ाता है।
PWD मंत्री से अफसरों ने की मुलाकात
कैंट बोर्ड के सीईओ रोबिन बलेजा के अनुसार, पहले योजना थी कि कैंट बोर्ड खुद ही फ्लाईओवर का निर्माण करेगा। लेकिन अब बातचीत की जा रही है कि सरकार यहां फ्लाईओवर निर्माण के लिए आगे आए। कैंट बोर्ड के वरिष्ठ अफसरों की पीडब्ल्यूडी मंत्री से बातचीत भी हो चुकी है। सरकार ने भरोसा दिया है। किर्बी प्लेस के पास नए फ्लाईओवर का निर्माण काफी तकनीकी काम है, क्योंकि दो फ्लाईओवर का ट्रैफिक यही पर मर्ज होता है। दोनों फ्लाईओवर को नए बनने वाले फ्लाईओवर के साथ जोड़ना पड़ेगा।


