
भिवानी.
हरियाणा की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने तिगड़ाना में प्रस्तावित संग्रहालय और पर्यटन केंद्र की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ड. नरेंद्र परमार सात सदस्यीय टीम के साथ मंगलवार को तिगड़ाना पहुंचे और सजरा प्लान के आधार पर करीब 20 एकड़ क्षेत्र की निशानदेही व पैमाइश करवाई।
पुरातत्व विभाग ने खेड़े की सुरक्षा के लिए बनने वाली चारदीवारी के लिए दो करोड़ 22 लाख 63 हजार रुपये लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को जमा करा दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। चारदीवारी बनने के बाद पूरे पुरातात्विक स्थल को संरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर का महत्वपूर्ण पड़ाव
डिप्टी डायरेक्टर के अनुसार प्रस्तावित पुरातात्विक कारिडोर में तिगड़ाना के साथ-साथ राखीगढ़ी (हांसी), खरड़अलीपुर (हिसार), भिरड़ाना (फतेहाबाद), बनावली (फतेहाबाद), कुनाल (फतेहाबाद) और बालू (कैथल) जैसी ऐतिहासिक साइटों को जोड़ा जाएगा।
आधुनिक संग्रहालय विकसित किया जाएगा –
तिगड़ाना खेड़े की सुरक्षा और संरक्षण के लिए चहारदीवारी निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे पहले सजरा प्लान के तहत पैमाइश करवाई है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। भविष्य में यहां आधुनिक संग्रहालय विकसित किया जाएगा, जहां खोदाई में प्राप्त पुरावशेषों को प्रदर्शित किया जाएगा।
– डॉ. नरेंद्र परमार, डिप्टी डायरेक्टर, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग चंडीगढ़



