
पटना
बिहार एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने रुपये लेकर हत्याएं करने वाले 350 से अधिक सुपारी किलरों की सूची तैयार की है। इस साल जुलाई तक 30 से अधिक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य बदमाशों को दबोचने के लिए उनकी गतिविधियों पर भी इकाई की कड़ी नजर है। एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।
सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय सभागार में पत्रकारों से एसटीएफ डीआईजी ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक 1716 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी राज्य, क्षेत्र या जिला स्तर पर टॉप-10 या हार्डकोर अपराधियों की श्रेणी में शामिल थे। इनमें 63 पर 25 हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने क्राइम कंट्रोल की दिशा में अच्छा काम किया।
डीआईजी ने बताया कि मुठभेड़ों के माध्यम से कुख्यात अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करते हुए क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत की गई है। संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाकर गिरफ्तारी की जा रही है। जिलावार एसटीएफ के तैनात पदाधिकारी डाटाबेस तैयार कर रहे हैं। अब तक भू-माफिया सहित कई संगठित अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्ति की पीएमएलए के तहत जब्ती को लेकर ईडी को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
एनआईए स्तर से भी जांच
अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनआईए स्तर से भी जांच की जा रही है। इस साल करीब 10 किलो लूटे गए सोना, 50 किलो चांदी और 11.97 लाख कैश बरामद किए गए। इन मामलों में शामिल 113 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
साइबर अपराध पर चोट
साइबर अपराध से जुड़े 19 मामलों का हल किया गया। पटना, नालंदा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर और किशनगंज से 10 अपहृत व्यक्तियों को बरामद किया गया है। प्रेस वार्ता में एसटीएफ एसपी अंजनी कुमार भी उपस्थित रहे।
राज्य से बाहर भी गिरफ्तारी
● आपराधिक वारदातों में शामिल 27 को राज्य के बाहर से गिरफ्तार कर लाया गया
● आपराधिक वारदात के 94 मामलों को घटना से पहले ही रोक लिया गया।
● इसमें हत्या के 40, डकैती-छिनैती के 48 और अन्य अपराध से जुड़े छह मामले।
19 मुठभेड़ में तीन की मौत
● आठ माह में अपराधियों के साथ 19 मुठभेड़ हुई।
● इसमें तीन मारे गए, 18 घायल हुए।
● इस वर्ष 33 मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया गया।
● एके-47 रायफल, दो इंसास, 398 देशी हथियार जब्त।


