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पंचकूला में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, रोजाना कट रहे धड़ाधड़ चालान

पंचकूला.

सड़क पर कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों की जेब पर भी भारी पड़ रही है। पंचकूला में यातायात नियमों की अनदेखी करने पर इस साल छह महीनों के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने 26,109 चालान किए हैं।

एक जनवरी से 30 जून तक का यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। क्योंकि औसतन हर दिन लगभग 150 चालान काटे जा रहे हैं। वहीं, इन चालानों के जरिए 12 करोड़ 12 लाख चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक लापरवाही दोपहिया वाहन चालक कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चालान टू-व्हीलर सवारों के हेलमेट न पहनने के हुए हैं, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों की संख्या भी चिंता बढ़ाने वाली है।

रिपोर्ट के अनुसार, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर सबसे अधिक 12,914 चालान किए गए और छह करोड़ 30 लाख 46 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इससे साफ है कि पंचकूला ट्रैफिक पुलिस की तरफ से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया चालक नियमों को ताक पर रख सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। वहीं ऐसे वाहन चालक अपनी और दूसरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।

ड्रंक एंड ड्राइव के 2950 चालान
इसके अलावा इन छह महीनों में ड्रंक एंड ड्राइव के 2950 चालान काटे गए। हालांकि इन मामलों का निपटारा कोर्ट से होता है। ऐसे में जुर्माना की राशि भी अदालत से तय होती है। वहीं गलत पार्किंग के 2464, ट्रिपल राइडिंग के 913, रेड लाइट जंप करने के 516 और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने के 401 चालान किए गए। ओवर स्पीड के केवल तीन मामले दर्ज हुए।

ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे वाहन चालक
ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि चालान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि पंचकूला में अब भी बड़ी संख्या में लोग बुनियादी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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