पंजाबराज्य

Ravi River-Sutlej River में अवैध खनन पर सख्ती, हाईकोर्ट ने Punjab सरकार को 3 हफ्ते में कार्रवाई के आदेश

चंडीगढ़.

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रावी और सतलुज दरिया के क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में पंजाब सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों पर तीन हफ्ते के भीतर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने यह आदेश ड्रोन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर खुदाई पाई जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए।

चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है, जिससे राज्य सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अमृतसर बार्डर और रावी दरिया किनारे में अवैध रेत खनन अभी भी जारी है। सुनवाई के दौरान सर्वे आफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत ड्रोन आधारित सर्वे रिपोर्ट को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।

रिपोर्ट में हाई रिजोल्यूशन इमेजरी और डिजिटल टेरेन माडल के माध्यम से यह संकेत मिला कि कई स्थानों पर खुदाई निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर की गई है। हालांकि, ड्रोन सर्वे अभी केवल कुछ गांवों तक सीमित है और पूरे रावी-सतलुज बेल्ट का आकलन बाकी है। इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधूरी रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक स्थिति का आकलन संभव नहीं है।

कोर्ट ने सर्वे आफ इंडिया को निर्देश दिया कि शेष क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण तीन सप्ताह के भीतर पूरा कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे, ताकि पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। अदालत ने पंजाब सरकार को भी निर्देशित किया कि जैसे ही अंतिम रिपोर्ट प्राप्त हो, अवैध खनन से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस पहले सुनवाई पर केंद्र सरकार ने भी बताया था कि बीएसएफ, सेना और केंद्र सरकार अवैध खनन और इसके जरिये सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने की दिशा में काम कर रही है। हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह बताएं कि सीमा के निकट कैसे वैध खनन की अनुमति दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा था कि सीमा पर अवैध खनन बंद है और केवल रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही खनन की इजाजत दी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button