
लुधियाना.
महानगर में समय से पहले डेंगू का खतरा बना हुआ है जो बारिश से और बढ़ गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ-साथ ही मच्छरों का प्रकोप साफ देखने में नजर आ रहा था। शहर के हर हिस्से में मच्छरों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही थी अब इसमें और वृद्धि हो सकती है क्योंकि हर बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ती है।
अस्पतालों की रिपोर्ट की मानें तो डेंगू के मरीजों की संख्या 100 से पर हो चुकी है जबकि स्वास्थ्य विभाग 83 मरीजों को क्रॉस चैकिंग के नाम पर नैगेटिव करार दे चुका है और एक मरीज को अब तक पॉजिटिव बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार हर अस्पताल अपने मानकों के हिसाब से डेंगू का टैस्ट करता है और फिर उसका उपचार जिससे मरीज ठीक होकर घर चला जाता है परंतु विलंब से भेजी गई सैंपल की रिपोर्ट्स जो स्वास्थ्य विभाग को क्रॉस चैकिंग के लिए भेजी जाती है।
समय बीतने के साथ और लैब स्पैसिफिक सैंपल न होने के कारण बहुत बार मरीजों की रिपोर्ट फॉल्स नैगेटिव आ जाती है। उन्होंने बताया कि मरीज के ब्लड सैंपल्स को निर्धारित तापमान पर रखना आवश्यक है अगर ऐसा न किया जाए तो टैस्ट के नतीजे बदल सकते हैं । अब देखने वाली बात यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग सैंपल के रखरखाव में निर्धारित मापदंडों को पूरा करता है या नहीं।
डेंगू की रोकथाम के लिए तैयारी पूरी नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 83 मरीजों की क्रॉस चैकिंग के नाम पर रिपोर्ट तैयार की है, परंतु हर अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट्स नहीं भेजी जा रही जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और न ही अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कोई मीटिंग की गई है कि व हर संदिग्ध और पॉजिटिव डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट उसी दिन स्वास्थ्य विभाग को भेज दें।
अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्प्रे करने के लिए दवाइयां का स्टॉक मंगवाया गया है या नहीं फोकल सप्रे और डेंगू के लारवा की जांच के लिए टीमे गठित की गई है या नहीं यहां तक की डेंगू के मच्छर का लारवा खाने वाली गैंबुजिया मछली के लिए बनाए गए छोटे से तालाब में मछलियां रखी जा रही है या नहीं क्योंकि वहां पर मछलियों की जगह कबाड़ पड़ा हुआ दिखाई देता है।
नगर निगम से तालमेल नहीं
मच्छरों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वर्ष नगर निगम से कोई तालमेल नहीं किया गया है ताकि होगी का शैड्यूल बनाने के लिए कोई परस्पर सहमति बनाई जा सके। विशेषज्ञों का कहना की भले ही अभी मरीज की संख्या इतनी नहीं है परंतु लापरवाही के कारण मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ सकती है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बेमौसमी बारिश से डेंगू का प्रकोप समय से पहले शुरू हो सकता है।



