
हरियाणा IPS सुसाइड केस: SIT ने 12 लोगों से की पूछताछ, FIR में नामजद अधिकारियों को बुलाने की तैयारी
SIT सक्रिय: हरियाणा IPS सुसाइड मामले में अधिकारियों से होगी सुनवाई और पूछताछ
हरियाणा IPS सुसाइड केस में FIR के अधिकारियों को बुलाया जाएगा, SIT ने शुरू की जांच
चंडीगढ़
हरियाणा के आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा पर कोर्ट ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या यह आरोप बनता है या नहीं। गाली देने या थप्पड़ मारने तक की बात हो तब भी 306 का मामला नहीं बनता। जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है इसलिए निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठता। हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच से फिलहाल इन्कार करते हुए कहा कि अगर जांच हरियाणा पुलिस करती तो बात अलग होती। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि इस मामले में आरोप क्या हैं। कोर्ट को बताया गया कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका बार-बार तबादला कर दिया जाता था और उन्हें उनके पद के अनुसार वाहन भी नहीं दिया जाता था। यह सब उनके साथ लगातार किया जा रहा था जिसके चलते वे आत्महत्या के लिए मजबूर हो गए। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आरोपों पर क्या आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगाई जा सकती है? हमें कोई मामला बताएं जिसमें इस प्रकार के आरोपों में दोषी करार दिया गया हो और फैसला सुप्रीम कोर्ट तक टिका हो।
डीगढ़ पुलिस की SIT ने अभी तक FIR में दर्ज हरियाणा पुलिस के उन 14 पुलिस अधिकारियों में से किसी को भी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है जिनका नाम FIR में दर्ज है। लेकिन जिन 12 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, उनमें वे लोग हो सकते हैं जो IPS वाई. पूरन कुमार सुसाइड केस से जुड़े हुए हैं।
इनमें सबसे पहले वे लोग आते हैं जो IPS वाई. पूरन कुमार के सुसाइड के समय घर में मौजूद थे, जैसे उनकी बेटी और नौकर। इसके अलावा उनके अन्य केस से जुड़े लोग भी हो सकते हैं।
अरेस्ट करने से बच रही पुलिस
पंजाब MLA अमित रतन ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस ने FIR में दर्ज 14 पुलिस अधिकारियों को अरेस्ट तो क्या करना है, बल्कि अभी तक उनमें से एक को भी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है। जिससे साफ नजर आ रहा है कि केस में ढील बरती जा रही है।
आखिली कॉल का हो खुलासा
MLA ने कहा कि उनके जीजा वाई. पूरन कुमार ने सुसाइड से पहले आखिरी कॉल किसे की थी, इसके बारे में भी पुलिस ने अभी तक नहीं बताया है, जबकि वे उनके फैमिली मेंबर हैं, उन्हें तो सबसे पहले बताना चाहिए था। इसके अलावा जो लैपटॉप और मोबाइल फोन जांच के लिए पुलिस ने लिया था, उसे लेकर भी कोई अपडेट नहीं दी गई है।
MLA रतन ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा में उनके जीजा के गनमैन सुनील कुमार को ढाई लाख रुपये रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसमें जो शिकायतकर्ता था, उसने FIR में कहा है कि वह शराब का ठेकेदार है, लेकिन वह शराब का ठेकेदार नहीं है। इससे भी साफ पता चलता है कि यह सबकुछ प्लानिंग के तहत हुआ है।
SIT खंगाल रही मोबाइल कॉल डिटेल
SIT अब पूरन कुमार के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे। सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से एक दिन पहले उन्होंने हरियाणा के DGP शत्रुजीत सिंह कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया को फोन किया था, लेकिन दोनों में से किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
फोरेंसिक यह पता लगाएगी कि पूरन कुमार ने सुसाइड नोट आत्महत्या से पहले किसी को ईमेल किया था या नहीं, या फिर वह केवल अपने पास ही सेव और प्रिंट किया गया दस्तावेज था। SIT ने कुछ लोगों के बयान सेक्टर-11 थाना चंडीगढ़ में दर्ज किए हैं।


