
जयपुर
सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और बदहाल बुनियादी सुविधाओं पर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच राजस्थान सरकार ने बड़े बदलाव की तैयारी की है। झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से 7 बच्चों की मौत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती और राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार एक साल तक मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार ने स्कूलों के कायाकल्प का रोडमैप तैयार किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक 12,500 करोड़ रुपए खर्च कर सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाने की योजना है। प्रदेश के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया।
सर्वे में सामने आई जरूरतों के आधार पर तीन साल की कार्य योजना तैयार की गई है। दिसंबर तक डिजिटल ढांचा विकसित होगा। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दिसंबर 2026 तक 1,087 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत विद्यार्थियों को 80 हजार टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान है। वहीं 9 हजार स्मार्ट क्लासेज विकसित करने पर 107 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कंप्यूटर शिक्षा को मजबूत करने के लिए 7 हजार आईसीटी लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिन पर 880 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
स्कूलों के लिए कई स्रोतों से जुटेगा पैसा
अब विधायक कोष में प्रति विधायक 5 करोड़ रुपए के वार्षिक प्रावधान में से 20 प्रतिशत राशि स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर खर्च करना अनिवार्य किया है। डांग, मगरा और मेवात विकास योजनाओं में स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट का हिस्सा 15 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है।
5 हजार ग्राम पंचायतों में अटल ज्ञान केंद्र
राज्य की 5 हजार ग्राम पंचायतों में 750 करोड़ रुपए की लागत से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित होंगे। प्रत्येक केंद्र पर 15 लाख रुपए खर्च होंगे। खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वीबीजी रामजी योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर चरणबद्ध तरीके से स्टेडियम बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रतिवर्ष 500 से 1,000 करोड़ रुपए तक का प्रावधान किया जाएगा।
बालिकाओं के लिए सुविधाओं पर भी फोकस
2,326 स्कूलों में नए बालिका शौचालय बनाने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। 5 नए बालिका सैनिक स्कूल, 13 डाइट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व 79 छात्रावास भवनों पर काम हो रहा है।
181 भवनों का निर्माण शुरू
वर्तमान में 3,006.34 करोड़ रुपए के विद्यालय विकास कार्य स्वीकृति, निविदा या क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें 518 नए विद्यालय भवनों के लिए 620 करोड़ के काम स्वीकृत या निविदा प्रक्रिया में हैं। इनमें से 181 भवनों का निर्माण शुरू हो चुका है।
नए क्लासरूम और भवन बनेंगे
2,487.75 करोड़ रुपए की लागत से 3,587 नए विद्यालय भवन बनाए जाएंगे। 8,378.30 करोड़ रुपए से 83,783 नए कक्षा-कक्षों का निर्माण होगा। 22,589 स्कूलों में 1,129.45 करोड़ रुपए से मेजर रिपेयर और सुरक्षात्मक कार्य होंगे। 13,616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण के लिए 340.40 करोड़ रुपए का प्रावधान।


