धर्म

छत पर पानी की टंकी की गलत दिशा बिगाड़ सकती है आर्थिक स्थिति, जानें वास्तु के जरूरी नियम

घर बनवाते समय हम इंटीरियर और डिजाइन पर तो लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन अक्सर छत पर रखी जाने वाली पानी की टंकी की दिशा को नजरअंदाज कर देते हैं.  क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी लापरवाही आपको भारी वित्तीय संकट में डाल सकती है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में रखी पानी की टंकी घर में धन के आगमन को रोक सकती है और देखते-देखते आपकी जमा-पूंजी पानी की तरह बह सकती है.

आइए जानते हैं कि टंकी की गलत दिशा आपके बैंक बैलेंस पर कैसे डाका डालती है, पैसों की तंगी से बचने के लिए वास्तु के कौन से नियम अपनाने जरूरी हैं.

1. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में टंकी – छिन सकती है बरकत और नौकरी
यदि आपके घर की छत के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में पानी की टंकी रखी है, तो समझ लीजिए कि आपके घर की तिजोरी पर खतरा मंडरा रहा है.यह दिशा देवी-देवताओं और मां लक्ष्मी की मानी जाती है.यहां भारी टंकी होने से घर की बरकत रुक जाती है, व्यापार में घाटा होने लगता है. अचानक से खर्च इतने बढ़ जाते हैं कि कर्ज लेने की नौबत आ जाती है.

2. अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व) में टंकी – बिजनेस में हो सकता है भारी घाटा
दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व की होती है.इस दिशा में जल यानी पानी की टंकी रख देना, धन और आग के टकराव जैसा है.वास्तु के जानकारों के मुताबिक, इस गलतफहमी या लापरवाही के कारण व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.पार्टनरशिप में झगड़े और कोर्ट-कचहरी के चक्कर में आपका सारा पैसा बर्बाद हो सकता है.

3. सबसे शुभ दिशा: दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण)
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में पैसों की आवक बनी रहे. कभी धन की कमी न हो, तो पानी हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही रखें.इस दिशा में टंकी होने से घर में आर्थिक स्थिरता आती है, अटका हुआ धन वापस मिलता ह. बिजनेस में मुनाफा तेजी से बढ़ने लगता है.

पैसों के नुकसान से बचने के अचूक वास्तु उपाय:
रंग बदलें: अगर आपकी टंकी गलत दिशा में है और उसे हटाना संभव नहीं है, तो उस पर तुरंत सफेद या हल्का पीला रंग करवा दें.सफेद रंग नकारात्मक ऊर्जा और धन हानि के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है.

साफ-सफाई का रखें ध्यान: गंदी या टूटी-फूटी टंकी भी राहु के बुरे प्रभाव को बढ़ाकर आर्थिक तंगी लाती है.टंकी को हमेशा साफ रखें और उसका ढक्कन कभी खुला न छोड़ें.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button