मध्य प्रदेशराज्य

सीएम मोहन यादव ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, युवाओं से किया आह्वान

भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत" संकल्प के राष्ट्रीय अभियान का नई दिल्ली से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी भोपाल स्थित मैनिट में नशामुक्त भारत एवं नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प के तहत लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। दुनिया का सबसे युवा देश-सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत-दुनिया का सबसे तेज गति से प्रगति करने वाला देश भारत है। स्वामी विवेकानंद ने 100 साल पहले घोषणा की थी कि 21वीं सदी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समर्थ-शक्तिशाली-सर्वगुण संपन्न भारत बनाने के लिए नशे के खिलाफ पूरे देश में अभियान चल रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबसे युवा देश भारत के युवाओं को उसी के अनुरूप क्षमतावान होना चाहिए। भगवान श्री राम-श्री कृष्ण-गौतम बुद्ध की धरती सदैव दुनिया को आकर्षित करती रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति जीयो और जीने दो की प्रेरणा देती है। हमारी जीवन में प्रकृति से भी प्रेम करने की संस्कृति है। जैसा पिण्ड है वैसा ही ब्रह्मांड है। उन्होंने कहा कि हम जैसे हैं वैसी ही प्रकृति है। परमात्मा ने हमें 84 लाख योनियों के बाद ये मानव शरीर दिया है। हम शरीर की साधना से ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं। यानी हर शरीर में परमात्मा है और असीम ताकत है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि इस ताकत का उपयोग सही दिशा में हो, हम सभी प्रकार के नशे से दूर रहें। हम अपनी ऊर्जा-प्रतिभा-नवाचार से भारत को विश्व गुरु बनाने की ओर अग्रसर हों। विकसित भारत की पहली शर्त नशा मुक्त भारत है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि हर गली-गांव-मोहल्ले-घर और पूरे देश में युवा नशे से मु्क्त हो।  

सीएम डॉ. मोहन ने दिया सटीक उदाहरण
सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि 10-15 साल पहले तक हमें जगह-जगह पान-बीड़ी की दुकानें दिखाई देती थीं। अब उनका दायरा कम हुआ है। लेकिन, अब दूसरे तरह का नशा बढ़ गया है। हमारी सरकार ने नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है। सरकार ने 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि नशा हमारा स्वास्थ्य-शिक्षा-संवाद-सामाजिक सम्मान सब बिगाड़ देता है। इसकी वजह से घर के घर बर्बाद हो जाते हैं। अभी हाल ही में नशे के लिए दो भाइयों ने एक-दूसरे को चाकू मारे। उनमें से एक गंभीर है, दूसरे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह घटना हमें सबक सिखाती है। हम लोगों की जीवन बेहतर करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति अपने को पहचाने, नशे से दूर रहे और समाज में बदलाव लाए।

नक्सलवाद के बाद नशे का करना है खात्मा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश पुलिस को बधाई दूंगा जिसने पूरे महीने नशे के खिलाफ अभियान चलाया। यह एक विभाग का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज का काम है। भारत ने साल 2029 तक नशे से मुक्त होने का संकल्प लिया है। हम निश्चित रूप से इस युद्ध में जीतेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब नक्सलवाद खत्म करने की तारीख तय की थी, तब लोगों ने मजाक बनाया था। लोगों ने कहा कि नक्सलवाद कैसे खत्म होगा। हमारा मंडला-बालाघाट-डिंडोरी और जहां-जहां नक्सलवाद की जड़ें थीं, वहां-वहां नशे की खेप पहुंचती थी। हमारे कई उन्नत प्रांत नशे की वजह से बर्बादी तक पहुंच गए थे। आज हमने लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया है। हमने प्रदेश की धरती से डाकुओं का खात्मा किया है। अब हमें नशे का खात्मा करना है।

लोगों ने ली ये शपथ
सीएम डॉ. यादव ने सभी लोगों को शपथ दिलाई। शपथ में कहा गया, 'मैं संकल्प लेता हूं कि मैं किसी भी प्रकार के नशीले अथवा मादक पदार्थ का किसी भी रूप में या किसी भी उद्देश्य से सेवन नहीं करूंगा तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करूंगा। मैं नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प करता हूं। तथा, अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों, संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करूंगा। मैं स्वस्थ-जागरूक और सशक्त युवा शक्ति के निर्माण के लिए सदैव समर्पित रहूंगा। नशा-मुक्त युवा  और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना पूर्ण योगदान दूंगा। मैं जीवन में सदैव स्वस्थ और सकारात्मक मूल्यों का पालन करूंगा। समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक नशा-मुक्त जीवन का संदेश पहुंचाऊंगा। तथा, जागरूक और सशक्त नशा-मुक्त भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करता रहूंगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button