
जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षा, पोषण एवं आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं पालनहार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के लगभग एक करोड़ परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
मुख्य सचिव शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं पालनहार योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डेटा आधारित मॉनिटरिंग पर जोर
मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने के लिए राज्य के सभी पेंशनरों के आंकड़ों का समुचित विश्लेषण करने हेतु प्रभावी डेटा डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित मॉनिटरिंग से योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
जिला-वार आंकड़ों का हो क्रॉस वेरिफिकेशन
मुख्य सचिव ने जिला-वार पेंशनरों के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आंकड़ों का क्रॉस वेरिफिकेशन कर वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशन स्वीकृति एवं वितरण में आने वाली सभी प्रकार की बाधाओं को दूर किया जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रहे तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। मुख्य सचिव ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की भी समीक्षा की और अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
'समाधान साथी' ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
बैठक के दौरान उन्होंने विभाग द्वारा विकसित 'समाधान साथी' ऐप की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अभिनव पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से आमजन घर बैठे पेंशन, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आवेदन की स्थिति भी जान सकते हैं। उन्होंने ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिकाधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।
लगभग एक करोड़ परिवारों को मिल रहा है प्रत्यक्ष लाभ
बैठक में बताया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के लगभग एक करोड़ परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लगभग 90 लाख लोगों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, जिस पर प्रतिवर्ष करीब 17 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जाते हैं। इसी प्रकार पालनहार योजना के माध्यम से अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों की देखभाल करने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से लगभग 6.10 लाख बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं तथा इस पर प्रतिवर्ष करीब 1,200 करोड़ रुपये व्यय किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 4.11 लाख विद्यार्थियों को शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति एवं अनुरक्षण भत्ता प्रदान किया जा रहा है। इस योजना पर प्रतिवर्ष करीब 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।



