
बोकारो
झारखंड सरकार के निर्देश पर बोकारो कोषागार से हुई करोड़ों की अवैध निकासी मामले की जांच कर रही साआईडी (CID) को बड़ी कामयाबी मिली है. अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच दल (SIT) ने इस घोटाले में संलिप्त बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा शाखा में तैनात आरक्षी काजल मंडल को गिरफ्तार किया है.
लेखापाल का सहयोगी था आरक्षी काजल मंडल
सीआईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, काजल मंडल पूर्व में गिरफ्तार मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी था. उनके बयान के आधार पर बोकारो स्थित उसके आवास से 8.75 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. यह राशि कौशल कुमार पांडेय के खाते से ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) के नाम पर अवैध रूप से भेजी गई थी. इस मामले में अब तक कौशल कुमार पांडेय, सतीश कुमार (होमगार्ड) और सहायक अवर निरीक्षक अशोक कुमार भंडारी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है.
करोड़ों की संपत्ति और फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त
अनुसंधान के दौरान सीआईडी ने आरोपियों द्वारा अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों का भी खुलासा किया है. अब तक की कार्रवाई में तेलीडीह, बोकारो स्थित 4.08 डिसमिल भूमि पर निर्मित तीन मंजिला आलीशान मकान और अन्य 4.98 डिसमिल भूमि के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इसके अलावा, विभिन्न बैंकों में हस्तांतरित 1 करोड़ 93 लाख रुपये और 18 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सीज (Freeze) कर दिया गया है.
सख्त धाराओं के तहत अनुसंधान जारी
सीआईडी ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) सहित आईटी एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कांड संख्या 06/26 दर्ज किया है. एसआईटी द्वारा मामले का प्रभावी और गहन अनुसंधान जारी है, जिसमें आने वाले दिनों में कुछ और सफेदपोशों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.



